पटना: अहमदाबाद में हुए एक दुखद विमान हादसे ने पटना के जगदेव पथ स्थित थापा परिवार की खुशियों पर वज्रपात कर दिया है। इस दुर्घटना में एयर इंडिया की 12 सदस्यीय केबिन क्रू का हिस्सा रहीं पटना की मनीषा थापा की असामयिक मौत हो गई, जिससे उनके घर में मातम पसर गया है। मनीषा की मौत की खबर मिलते ही फुलवारीशरीफ से उनका पूरा परिवार अहमदाबाद के लिए रवाना हो गया है।
पटना के गांधीपुरम कॉलोनी, जगदेव पथ के नजदीक श्यामा अपार्टमेंट के पास अपने माता-पिता के साथ वर्षों से रह रहीं मनीषा थापा, मूल रूप से नेपाल के विराटनगर की निवासी थीं। हालांकि, उनके पिता राजू थापा के बिहार जिला पुलिस में बेगूसराय में पदस्थापित होने और परिवार के अधिकांश सदस्यों के बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस (BSAP) एवं जिला बल में रहने के कारण मनीषा का जन्म और पालन-पोषण पटना में ही हुआ। उनकी मां लक्ष्मी थापा एक गृहिणी हैं और उनका एक छोटा भाई, अमित थापा, अभी पढ़ाई कर रहा है।
थापा परिवार का पुलिस सेवा से गहरा नाता है। मनीषा के दो चाचा, बबलू थापा और गुड्डू थापा, बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस (BSAP) की बटालियन नंबर 1 में हवलदार के पद पर तैनात हैं। मनीषा का परिवार BSAP ग्राउंड से कुछ ही दूरी पर रहता है, जिससे उनका बचपन और युवावस्था दोनों ही इस माहौल में बीता।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि मनीषा ने एयर होस्टेस के तौर पर अपने करियर की शुरुआत पटना में इंडिगो एयरलाइंस के साथ की थी। उनकी लगन और मेहनत ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया और वह इसके बाद अकासा एयर और अंततः एयर इंडिया में एयर होस्टेस के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। उनकी उड़ान भरने की इच्छा ने उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाया, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि अहमदाबाद की यह उड़ान उनके जीवन की अंतिम यात्रा बन जाएगी।
मनीषा की अचानक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों को विश्वास नहीं हो रहा कि हमेशा हंसमुख रहने वाली मनीषा अब उनके बीच नहीं रहीं। यह घटना थापा परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसने एक होनहार बेटी और एक समर्पित एयर होस्टेस को खो दिया है। पूरे परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है और उनकी आंखें मनीषा की एक झलक पाने को तरस रही हैं।
रिपोर्ट: पृथ्वीराज